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Nipah Virus Latest News India 2026 | निपाह वायरस

Stay updated with Nipah virus latest news India 2026. Two cases confirmed in West Bengal (January 2026). Learn about symptoms, fruit bat transmission, and WHO safety guidelines.

Poonam Pande

1/30/20261 min read

Nipah Virus Latest News India 2026

निपाह वायरस: भारत 2026 की ताज़ा खबर और ज़रूरी जानकारी

जनवरी 2026 के अंत तक, भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (Nipah Virus) के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में दो स्वास्थ्य कर्मियों (एक महिला और एक पुरुष नर्स) में इस संक्रमण की पुष्टि हुई है। केंद्र सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं।

ताज़ा हालात क्या हैं?

  • पुष्ट मामले: अभी तक आधिकारिक रूप से 2 नर्सों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। शुरुआत में 5 संदिग्धों की खबरें आई थीं, लेकिन सरकार ने फिलहाल 2 केस ही कन्फर्म किए हैं।

  • कांटेक्ट ट्रेसिंग: इन मरीजों के संपर्क में आए लगभग 196 लोगों की पहचान की गई है। राहत की बात यह है कि उन सभी की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

  • विदेशी अलर्ट: भारत में केस मिलने के बाद थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों ने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और सतर्कता बढ़ा दी है।

यह वायरस कैसे फैलता है?

निपाह एक 'जूनोटिक' वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में आता है।

  1. चमगादड़: यह मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है।

  2. दूषित भोजन: चमगादड़ के लार या मल से दूषित फल या कच्चे खजूर का रस पीने से संक्रमण हो सकता है।

  3. इंसान से इंसान: संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब रहने या उनके शारीरिक तरल पदार्थ (जैसे थूक या खून) के संपर्क में आने से भी यह फैल सकता है।

प्रमुख लक्षण क्या हैं?

संक्रमण होने के 4 से 14 दिनों के भीतर लक्षण दिखने लगते हैं:

  • शुरुआत में तेज़ बुखार, सिरदर्द, और गले में खराश (आम फ्लू की तरह)।

  • सांस लेने में तकलीफ और मांसपेशियों में दर्द।

  • गंभीर स्थिति में दिमागी सूजन (Encephalitis), जिससे चक्कर आना, मानसिक भ्रम और कोमा की स्थिति बन सकती है।

बचाव के उपाय

चूँकि अभी तक इस वायरस की कोई पुख्ता वैक्सीन नहीं है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है:

  • पेड़ से गिरे हुए या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फल न खाएं।

  • खजूर का कच्चा रस पीने से बचें।

  • बीमार जानवरों (विशेषकर चमगादड़ और सूअर) के संपर्क में न आएं।

  • नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क का उपयोग करें।